The Kashmir files total box office collection : कड़वा सच देख बौखलाई कांग्रेस।

100 करोड़ के क्लब में पहुंची फिल्म द कश्मीर फाइल्स। कई राज्यों में टैक्स फ्री।

कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनाई गई फिल्म मैं कश्मीर फाइल्स को 11 मार्च 2022 को सिनेमाघरों में 630+ स्क्रीन पर रिलीज किया गया था। लेकिन लोगों के क्रेज को देखते हुए यह फिल्म लगभग 4000 स्क्रीन पर चलाई जा रही है। पहले दिन महज 3.55 करोड की ओपनिंग लेने वाली यह फिल्म अब लगभग 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो चुकी हैं। और इस सप्ताह तक यह फिल्म 150 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लेगी। इस फिल्म ने कल शुक्रवार को लगभग 19.15 करोड रुपए की कमाई की है। और सबसे जरूरी बात इस फिल्म के अंदर कोई भी बड़ी स्टार कास्ट नहीं है।

रिलीज होने के बाद 8 दिनों के अंदर इस फिल्म की कुल कमाई का आंकड़ा 100 करोड के पार पहुंच गया है। 11 मार्च शुक्रवार - 3.5 करोड़, 12 मार्च शनिवार - 8.50 करोड़ , 13 मार्च रविवार - 15.1 करोड़ , 14 मार्च सोमवार - 15.05 करोड़ , 15 मार्च मंगलवार - 18 करोड़ , 16 मार्च बुधवार - 19.05 करोड़, 17 मार्च गुरुवार - 18.5 करोड़ , 18 मार्च शुक्रवार - 19.15 करोड़। रिलीज होने से लेकर अब तक यह फिल्म छप्पर फाड़ कमाई कर रही है। और प्रतिदिन इस फिल्म का कलेक्शन बढ़ता ही जा रहा है।

The Kashmir files total box office collection : कड़वा सच देख बौखलाई कांग्रेस।

फिल्म देख कर रोने लगे दर्शक।

द कश्मीर फाइल्स फिल्म को कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को लेकर बनाया गया है। कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को बेहद करीब से दिखाती इस फिल्म को जिसने भी देखा वह अपने आंसू रोक नहीं पाया। यह फिल्म आज से 32 साल पहले 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन को दिखाती हैं कि किस तरीके से कश्मीरी पंडितों को अपना घर अपनी जमीन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। फिल्म की मेकर्स के अनुसार इस फिल्म को उन लोगों के अनुभव और उस दौर की रिपोर्टों के आधार पर बनाए गया हैं।

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की यह फिल्म 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन और नरसंहार को दिखाती है। इस फिल्म के मुख्य रोल में अनुपम खेर , मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार आदि है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को धमकियां दी गई, जबरदस्ती लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया, उनकी बहन वीडियो के साथ बलात्कार किया गया और किस तरीके से वहां पर कत्लेआम हुआ। कश्मीरी पंडितों को उस समय कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ा यहां तक की उस वक्त मौजूदा गवर्नमेंट भी उनका साथ देने को तैयार नहीं थी।

कश्मीरी पंडितों पर किए गए अत्याचार के ऊपर बनी इस फिल्म को देखकर दर्शकों की रूह कांप गई। इस फिल्म को देखने गए कश्मीरी पंडित पूरी तरीके से झकझोर गए। सिनेमाघरों के अंदर कश्मीरी पंडितों के रोते बिलखते चाहिए और कभी ना खत्म होने वाले जख्म थे। सिर्फ कश्मीरी पंडित ही नहीं जो भी इस फिल्म को देखने गया हर कोई भावुक हुआ और फिल्म के अंत तक आते-आते सबके चेहरों पे सिर्फ आंसू थे। फिल्म देखने के बाद लोगों के सिर्फ यही रिएक्शन थे कि इस हकीकत को बड़े पर्दे पर देख कर ही लोगों की रूह कांप गई तो उन लोगों के साथ क्या हुआ होगा जिन पर यह हादसा हकीकत में बीता है यह तो सोच कर भी बहुत डर लग रहा है।

कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचारों को दर्शाते कुछ मुख्य बिंदु

  • कश्मीरी पंडितों को अपनी ही घर से निकाला गया
  • स्त्रियों की अस्मत लूट ली गई।
  • अपने ही पति का रक्त जबरदस्ती पिलाया गया।
  • लड़कियों के साथ परिवार वालों के सामने ही गैंगरेप किया गया।
  • लकड़ी काटने वाली मशीन से स्त्रियों को काटा गया।
  • कश्मीरी पंडितों के घरों को जलाया गया।
  • बूढ़े बच्चे जवान औरतों जो भी सामने आया गोलियों से भून कर रख दिया गया।
  • लाशों को पेड़ों से लटकाया गया।
  • मीडिया और सरकार चुप थी।
  • उस समय की मौजूदा सरकार ने कुछ मदद नहीं की।
  • आर्मी ऑफिसर के हाथों को कानून से बांध दिया गया

फिल्म देखने के बाद कांग्रेस में बौखलाहट

इस फिल्म को देखने के बाद कांग्रेस में बौखलाहट पैदा हो गई है क्योंकि उनकी हकीकत अब सबके सामने आ गई है। कुछ कांग्रेसी सांसद तो इस हद तक बौखला गए हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों को कायर तक बोल दिया है। फिल्म रिलीज होने के बाद से ही कांग्रेसी नेता लगातार फिल्म बंद कराने की मांग कर रहे हैं तथा फिल्म के मेकर्स के ऊपर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। इस फिल्म के अंदर बहुत ही गंभीर सवाल भी उठाए गए हैं। कि अब तक कितनी सरकारें आई और गई उन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए कुछ भी क्यों नहीं किया ? उस समय की सरकार लोगों को सुरक्षा क्यों नहीं दे पाई ? कश्मीरी पंडित अब तक घाटी में वापसी का इंतजार क्यों कर रहे हैं ?

कांग्रेस के प्रमुख नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस पूरे मामले पर अपनी भड़ास निकाली और उन्होंने कहा कि इस सब में हमारी गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान फिल्मों से नहीं चलेगा बल्कि शासन और नीतियों से चलेगा। रणदीप सुरजेवाला का मानना है कि फिल्म के अंदर पक्षपात किया गया है एवं कांग्रेस को जानबूझकर गुनहगार दर्शाया जा रहा है। रणदीप सुरजेवाला यहीं नहीं रुके और उन्होंने के बाद एक ट्वीट करके मौजूदा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि मोदी जी यह बताएं कि 1990 में जब कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार हो रहा था तब केंद्र में वीपी सिंह सरकार चला रहे थे, वह क्या कर रहे थे ? फिल्म के रिलीज होने के बाद से कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे के ऊपर हमलावर हो रहे हैं।

असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि जब से यह फिल्म रिलीज हुई है तब से मुसलमानों के खिलाफ वीडियो क्यों बन रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यकीनन मैं मानता हूं कि कश्मीरी पंडितों को मारा गया एवं उनके साथ गलत हुआ। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें आज फिल्म देखकर कश्मीरी पंडितों की याद आई जबकि वह 7 साल से सत्ता में है। ओवैसी ने कहा कि मैं पहले भी लोकसभा में यह कह चुका हूं कि जांच आयोग एक्ट के तहत स्वतंत्र जांच करवाई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

द कश्मीर फाइल्स फिल्म को देशभर में टैक्स फ्री करने की मांग।

11 मार्च को रिलीज़ हुई फ़िल्म द कश्मीर फाइल्स को लोगों द्वारा पूरे देश भर में टैक्स फ्री करने की मांग की गई है। जब से यह फिल्म रिलीज हुई है तब से ही सरकार और विपक्ष में एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ गए हैं। फिल्म को देश के कई राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया है। भाजपा सरकार यही चाहती है कि इस फिल्म को पूरे देश में टैक्स फ्री किया जाए तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस यह नहीं चाहती कि फिल्म को टैक्स फ्री ना किया जाए।

असम राज्य में तो इस फिल्म देखने के लिए सरकारी कर्मचारियों को आधे दिन का अवकाश भी दिया गया है। भाजपा शासित कई राज्य जैसे कि हरियाणा कर्नाटक गुजरात मध्य प्रदेश में भी फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। वही भाजपा का मानना है कि इस फिल्म को पूरे देश भर में टैक्स फ्री किया जाए। कांग्रेस सरकार के कुछ विधायक या महत्वपूर्ण पार्टी सदस्यों का मानना है कि यह फिल्म के अंदर नफरत की भावना को दिखाया गया है और फिल्म के अंदर पक्षपात का भी आरोप लगाया गया है। जयंत चौधरी ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि डीजल पेट्रोल पर शुल्क घटाया जाए फिल्म को टैक्स फ्री करने का क्या अर्थ है ?"

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